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मà¥à¤à¥‡ शिशॠको कितनी बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना चाहिà¤?
जब à¤à¥€ आपको लगे कि शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना चाहता है, तो उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚। जितनी देर तक वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना चाहे, उसे करने दें। इसे बेबी लेड फीडिंग या डिमांड फीडिंग कहा जाता है। और यह अधिकांश बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मामलों में सही काम करता है।
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों और हफà¥à¤¤à¥‹ में आपका शिशॠदिन और रात में बार-बार उठेगा और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करेगा। नवजात शिशॠका पेट बहà¥à¤¤ छोटा होता है।
वह शारीरिक तौर पर केवल थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में दूध पी सकता है। वह आपका सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध आसानी से पचा लेता है और जलà¥à¤¦ ही यह उसके शरीर में अवशोषित हो जाता है। इसलिठवह बार-बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना चाहता है।
जनà¥à¤® के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› दिनों बाद अधिकांश ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशॠ24 घंटों में आठसे 10 बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं। इसका मतलब है कि आपका शिशॠहर 90 मिनट से दो घंटों में दूध पीनाा चाह सकता है।
शिशॠकितनी बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कर रहा है, इसपर नजर रखना सही रहता है। साथ ही शिशॠअगर दूध पीने की इचà¥à¤›à¤¾ न जताà¤, तो à¤à¥€ उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना बेहतर है। बार-बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ बनी रहेगी। जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आपका ननà¥à¤¹à¤¾ शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करेगा, उतना ही अधिक आपका शरीर दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करेगा। इसे रिसà¥à¤ªà¥‹à¤‚सिव फीडिंग कहा जाता है। आपके शिशॠको à¤à¥€ आपसे चिपककर रहना अचà¥à¤›à¤¾ लगेगा, फिर चाहे उसे à¤à¥‚ख हो या न हो।
यदि आपका शिशॠसमय से पहले पैदा हà¥à¤† है, बीमार है या कम जनà¥à¤® वजन शिशॠहै, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद आपको उसकी मांग के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बनाने की बजाय तय समय पर दूध पिलाने की सलाह दे सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये शिशॠइतने कमजोर या उनींदे हो सकते हैं कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने की इचà¥à¤›à¤¾ जाहिर ही न करें। उनके à¤à¥‚ख के संकेत बहà¥à¤¤ हलà¥à¤•े या न के बराबर होते हैं।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको बताà¤à¤‚गे कि आपको शिशॠको कितनी बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना चाहिà¤à¥¤ आमतौर पर हर दो या तीन घंटों में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की सलाह दी जाती है, फिर चाहे इसके लिठशिशॠको गहरी नींद से जगाकर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न करवाना हो।
इसलिठइस बात पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शिशॠको आपने शिशॠको कब सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाया था और इसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नियमित अंतराल पर उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती रहें। इससे सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ हो सकेगा कि उसे सही समय पर पोषण मिल रहा है और उसका वजन बढ़ रहा है।
इस बात पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ सही ढंग से मà¥à¤‚ह में ले। वरना वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने की बजाय केवल निपà¥à¤ªà¤² फीडिंग ही करता रहेगा। इससे आपके निपà¥à¤ªà¤²à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ हो सकता है, और आपका शिशॠà¤à¥€ बेचैन सा रह सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में दूध नहीं मिल रहा। यदि आपको लगे कि शिशॠसही ढंग से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं कर रहा तो शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
आपके शिशॠको अपना पूरा मà¥à¤‚ह खोलकर सà¥à¤¤à¤¨ का बड़ा हिसà¥à¤¸à¤¾ मà¥à¤‚ह में लेना चाहिà¤à¥¤ जब वह सही ढंग से मà¥à¤‚ह में सà¥à¤¤à¤¨ ले, तो उसकी ठोड़ी आपके सà¥à¤¤à¤¨ से छू रही है और उसकी नाक दब न रही हो। आपका शिशॠशायद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार या रात में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना चाहेगा। यह सामानà¥à¤¯ है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपका शरीर रात में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है, जो कि वह हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ है जो शरीर में दूध बनाता है। रात में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करके शिशॠआपके ​शरीर को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करता है।
आपका शिशॠशायद कà¥à¤²à¤¸à¥à¤Ÿà¤° फीड करना à¤à¥€ पसंद करे, जब वह काफी बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करे और उसके बाद कà¥à¤› घंटों या इससे à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक सोना न चाहे। यह ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशà¥à¤“ं के लिठसामानà¥à¤¯ है।
समय-समय पर शिशॠका गà¥à¤°à¥‹à¤¥ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ (शिशॠके विकास में तेजी पकड़ना) रहेगा और इसकी वजह से उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‚ख लग सकती है। जब à¤à¥€ वह चाहे और जितनी देर तक चाहे उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚।
इस तरह आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ शिशॠकी जरà¥à¤°à¤¤ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° समायोजित होती है। आपके दूध की आपूरà¥à¤¤à¤¿ शिशॠके गà¥à¤°à¥‹à¤¥ सà¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ को देखते हà¥à¤ दो या तीन दिन में बढ़ जाà¤à¤—ी। इस बीच शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है।
सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ का अलग-अलग मातà¥à¤°à¤¾ में दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करना और तेज या धीमा पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ रहना à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ है। उदाहरण के तौर पर हो सकता है आपका शिशॠदाà¤à¤‚ सà¥à¤¤à¤¨ से दूध पीना चाहे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करती है। बहरहाल, शिशॠको दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध पिलाना जारी रखें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आपका शिशॠदोनों तरफ दूध के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करेगा। कà¥à¤› शिशॠहर बार सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान दोनों सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से दूध पीना पसंद करते हैं। जैसा आपका शिशॠचाहे उसे वैसा करने दें।
अगले कà¥à¤› महीनों में, आपके शिशॠके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ का तरीका आप पहचानने लगेंगी। हालांकि, इसमें कà¥à¤› समय लग सकता है, इसलिठनिराश न हों।
जब आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने में अà¤à¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ और निपà¥à¤£ हो जाà¤à¤—ा और जब उसे आसपास की चीजों में रà¥à¤šà¤¿ होने लगेगी, तो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बीच में लंबा अंतराल होने लगेगा।
छह महीने की उमà¥à¤° में जब शिशॠठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥ करता है, तो à¤à¥€ आपका सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध उसके लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रहेगा। तब तक आप और आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ में à¤à¤•दम निपà¥à¤£ हो चà¥à¤•े होंगे।
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